समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे शिक्षक, बच्चे और रसोइया रोड पर
* शिक्षिका पर एमडीएस का खाद्यान्न ले जाने का आरोप
अखण्ड आवाज
मौदहा हमीरपुर। सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से सरकारी आय का एक बडा हिस्सा बडे बजट के रूप में शिक्षा पर खर्च कर रही है जिसके चलते बच्चों को किताबें, बस्ते, जूते मोजे के साथ ही अध्यापकों को बडी तनख्वाह दी जाती है लेकिन इसके बावजूद अध्यापक समय पर स्कूल नहीं आते जिसके चलते बच्चों के साथ अभिभावकों और रसोईया को बाहर खडे होकर स्कूल का दरवाजा ताकना पडता है।हालांकि इस मामले में खण्ड शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्यवाही की बात कही है।
कस्बे को मोहल्ला चौधराना में एक भवन में प्राथमिक विद्यालय हुसैनिया, पूर्वी तरौस, हैदरिया सहित अन्य विद्यालय संचालित है जिन्हे मौजूदा समय में कम्पोजिट विद्यालय काँशीराम कालोनी में मर्ज कर दिया गया लेकिन अभी तक नये भवन मे नहीं पहुंचा है जिसके चलते अध्यापको की मनमानी जारी है।
सोमवार सुबह जब वीकेंड के बाद स्कूल खुले तो बच्चे और रसोइया समय पर स्कूल पहुंच गए जबकि स्कूल संचालन की जिम्मेदारी निभाने वाले अध्यापक अध्यापिकाएं ही स्कूल से नदारद दिखे। सुबह आठ बजकर चालीस मिनट पर स्कूल का गेट बंद था और बच्चों के साथ अभिभावक और रसोइया गेट की निगरानी कर रहे थे हालांकि सभासद और मिडडे मील प्रभारी आरिफ कमाल चौधरी भी मौके पर आ गए और असहाय खडे दरवाजा ताकते रहे। इतना ही नहीं मिडडे मील का प्रभार देख रहे सभासद ने बेशिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि विद्यालय की अध्यापिका देवशक्ति ने जुलाई महीने में खाद्यान्न का उठान किया था लेकिन आधा अगस्त महीने गुजरने को आ गया लेकिन अभी तक खाद्यान्न स्कूल नहीं आया अब अध्यापिका कहा ले गई उन्हें जानकारी नहीं है। इस सम्बन्ध में खण्ड शिक्षा सुशील कुमार कमल ने बताया कि अगर ऐसा मामला है तो वह जांच कराने के बाद कार्यवाही करेंगे जबकि खाद्यान्न के बारे में बताया कि सभासद ने उन्हें फोन पर मामले की जानकारी दी थी जिसकी जांच कराई जा रही है।
फोटो-स्कूल के बाहर खडे बच्चे